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पर्यटन की परिभाषा बदली है, अब लोग फोटो नहीं एक्सपीरियंस चाहते हैं : दिया कुमारी

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Lokjeewan Daily

28 सितम्बर 2026, 12:39 PM 3 मिनट में पढ़ें

जयपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित एक दिवसीय ‘Rajasthan Creators Conclave 2026’ का समापन हुआ। कॉन्क्लेव में देशभर के 100 से अधिक ट्रैवल ब्लॉगर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, स्कूल-कॉलेज के युवा और होटल इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में क्रिएटर्स ने राजस्थान पर्यटन के नए अनुभवों, सोशल मीडिया रील्स की भूमिका और अनछुए पर्यटन स्थलों के प्रमोशन को लेकर अपने विचार साझा किए। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स शशांक संघवी, प्रकृति अरोड़ा और आशीष शर्मा के साथ मंच पर चर्चा की और बाद में मीडिया से बातचीत में राजस्थान पर्यटन का विजन सामने रखा। 
दिया कुमारी ने कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य ट्रैवल ब्लॉगर्स और युवाओं के अनुभवों से सीखना है। उन्होंने कहा कि आज के युवा जानते हैं कि कौन-सी रील लोगों को पसंद आ रही है और किस तरह की सामग्री दर्शकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचती है। ऐसे में सरकार को क्रिएटर्स के साथ मिलकर पर्यटन के क्षेत्र में कुछ नया करने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कार्यक्रमों में अक्सर वही लोग शामिल होते हैं, इसलिए नए विचारों के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स और युवाओं के साथ संवाद जरूरी है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन की परिभाषा बदल रही है। अब पर्यटक केवल स्मारकों को देखकर फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा बनकर उसे महसूस करना चाहते हैं।
उन्होंने ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे का उदाहरण देते हुए कहा कि पर्यटक यह जानना चाहते हैं कि स्थानीय लोग कैसे रहते हैं, क्या खाते हैं, उनकी भाषा और रहन-सहन कैसा है तथा उनकी संस्कृति क्या है। इसके साथ ही त्योहारों में शामिल होकर पूरे अनुभव का हिस्सा बनने की इच्छा भी बढ़ रही है।
दिया कुमारी ने कहा कि स्मारक और संग्रहालय आज भी पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इनके साथ स्थानीय संस्कृति और अनुभव को जोड़ना भी जरूरी है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार कंटेंट क्रिएटर्स के साथ मिलकर राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें तो बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने आईफा अवॉर्ड्स का उदाहरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी से बड़े स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शेखावाटी की हवेलियों सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास में स्थानीय लोगों को साथ लेकर काम किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन में रचनात्मकता और स्थानीय जुड़ाव बढ़ता है।

दिया कुमारी ने कहा कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, मानवीय स्पर्श हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की विरासत, कला, संस्कृति, रीति-रिवाज और भाषाओं को सुरक्षित और संरक्षित रखते हुए अगली पीढ़ी तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और एयरपोर्ट के विकास पर भी काम हो रहा है।

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